पूरा दिन हमारा शरीर, हमारा दिमाग भागा दौड़ी में गुजर जाता है और रात को जब हम अपने बिस्तर पर जाते हैं तो एक आरामदायक और सुकून भरी नींद की ही अपेक्षा करते हैं हम बिस्तर पर इस उम्मीद से लेटते हैं कि अब अपने शरीर को थोड़ा आराम दें, ताकि अगले दिन फिर नई ऊर्जा के साथ जीवन की भागदौड़ में जुट सकें. अगर हम अपने शरीर को रिलैक्स नहीं करेंगे तो हम मानसिक रूप से तनाव से भी पीड़ित हो सकते है इससे बचने के लिए जरूरी है अच्छे बिस्तर पर आरामदायक नींद लेना. हम अपनी जिंदगी का एक तिहाई हिस्सा सो कर गुजरते हैं इसलिए बहुत जरूरी है कि अपने बिस्तर को उतनी ही अहमियत दी जाए, जितनी खानपान और पहनावे को दी जाती है. थौमसन इंडिया के चीफ बिज़नेस आर्किटेक्ट यशवंत प्रताप सिंह जानकारी दे रहे है कैसा हो आपका मैट्रेस.

स्प्रिंग मैट्रेस में छिपी है आरामदायक नींद

डिजाइन मैट्रेस के लिए बौक्‍स स्प्रिंग मैट्रेस परफेक्‍ट विकल्‍प है. इस मैट्रेस को खुद या फिर इलेक्ट्रिक मोटर के जरिए एडजस्‍ट किया जा सकता है. ये लेदर, स्प्रिंग और स्‍लैट्स मौडल में उपलब्‍ध है. ये मैट्रेस सोने वाले का 1/3 वजन लेता है. ये उन लोगों के लिए बहुत अच्‍छा है जिनकी कमर में दर्द होता है. ये और्थोपीडिक मैट्रेस होते हैं इन्हे मेमोरी फोम से बनाया जाता हैं इस पर सोने से कमर दर्द नहीं होती अगर किसी को कमर दर्द की शिकायत पहले से हैं तो उनके लिये मैटर्स बहुत अच्छे हैं. इससे स्पाइन दर्द की समस्या में भी नहीं होगी जो कि सामन्यता गलत मैट्रेस चुनने की वजह से हो जाती हैं.

तलाले लेटेक्स  मैट्रेस

लेटेक्स मैट्रेस पर्यावरण के अनुकूल है. यह रबर  के पेड़ की छाल से बना होता है. इसे ओपन सेल स्ट्रक्चर पर बनाकर  तैयार किया जाता है. इस लेटेक्स  में वैंटिलेशन अधिक होने के साथ साथ यह हाइपोएलर्जेनिक होता है. हेवे ब्रासिलिएन्सिस, लेटेक्स गद्दा स्वाभाविक रूप से लोचदार होता है लोचदार होने के कारण  इसकी  खसियत  है यह है कि यह शरीर के भारी हिस्से को सिकोड़ लेता है व हल्के हिस्से को बाहरी ओर धकेलता है. जिस कारण रीढ़  व स्पाइन सीधी व आरामदायक अवस्था में  रहती है और कमर दर्द नहीं होता.

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दर्द से  दिलाएं राहत बांन्डेड मैट्रेस

ये मैट्रेस काफी हार्ड होता है यह मेमोरी फोम के छोटे छोटे पीसेज को कंप्रेस कर इसकी डेंसिटी बढ़ाई जाती है. जिन्हें कमर दर्द की शिकायत होती है उनको अच्छे  हार्ड मैट्रेस का इतेमाल करना चाहिए.


मैट्रेस हो हाइजिनिक

ऐसे लोग जिन्‍हें धूल से एलर्जी है या ज्‍यादा संवेदनशील हैं तो उनके लिए स्‍लेटेड मैट्रेस सबसे अच्‍छा है. यह भी जांच लें कि इससे एंटीबैक्‍टेरियल फंक्‍शन हो. क्योंकि जब हम सोते हैं तो हमारी बौडी से पसीना निकलता हैं जो की हमारा मैट्रेस सोख लेता हैं जिसमें धूल मिटटी और बौडी से निकला पसीना मिलकर मैट्रेस मे अंदर कीचड़ का रूप ले लेता हैं जिससे उसमे गड्ढे पड़ने लगते हैं. तो जरूरी हैं की मैट्रेस ऐसा हो जिसमे वैंटिलेशन हो.

मैट्रेस की डेंसिटी का रखें ख्याल

मैट्रेस की डेंसिटी की जानकारी होना जरूरी हैं क्योंकि अगर आपका वेट ज्यादा होगा मैट्रेस का डेंसिटी कम होगा तो उससे आपको अच्छी नींद आने मे परेशानी होगी.

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कीमत

मैट्रेस हमेशा अच्छी ब्रांडेड कम्पनी के लेने चाहिए. अच्छे मैट्रेस की कीमत 20 हजार से लेकर डेढ़ लाख तक की होती है. मैट्रेस खरीदते समय उसकी गारंटी देखना न भूले.

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